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भारत की हरित समुद्री यात्रा (Only Hindi Text)

भारत की हरित समुद्री यात्रा का उद्देश्य आर्थिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को संतुलित करना है। हरित बंदरगाह, नवीकरणीय ऊर्जा, स्वच्छ ईंधन, कम उत्सर्जन और सर्कुलर इकॉनमी के माध्यम से भारत एक सतत, सुरक्षित और जलवायु-अनुकूल समुद्री अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर है।

2025-12-18 01:25:15 | Admin

1. हरित समुद्री परिवर्तन का महत्व
भारत का लगभग 95% विदेशी व्यापार (आयतन के आधार पर) बंदरगाहों के माध्यम से होता है।
बंदरगाह विस्तार से ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन, समुद्री प्रदूषण और तटीय पारिस्थितिकी (मैंग्रोव, कोरल रीफ) पर दबाव बढ़ा।
हरित समुद्री नीति आर्थिक विकास + जलवायु कार्रवाई + महासागर शासन को एकीकृत करती है, जो ब्लू इकोनॉमी की अवधारणा से जुड़ी है।
2. प्रीलिम्स व मेन्स हेतु प्रमुख तथ्य
प्रमुख बंदरगाहों द्वारा कार्गो हैंडलिंग (FY 2024-25): 855 मिलियन टन
प्रमुख बंदरगाहों द्वारा कार्गो हैंडलिंग (FY 2014-15): 581 मिलियन टन
दशकीय वृद्धि: 47.16%
भारत का नेट-ज़ीरो लक्ष्य: 2070
IMO लक्ष्य: 2030 तक शिपिंग से CO₂ उत्सर्जन में 40% कमी
3. कानूनी एवं संस्थागत सुधार
भारतीय बंदरगाह अधिनियम, 2025:
औपनिवेशिक भारतीय बंदरगाह अधिनियम, 1908 को प्रतिस्थापित करता है
स्वच्छ, हरित और सतत बंदरगाह संचालन को संस्थागत बनाता है
MARPOL और Ballast Water Management Convention से तालमेल
महत्व:
बंदरगाह विस्तार से आगे बढ़कर सतत बंदरगाह शासन की ओर बदलाव
4. रणनीतिक दृष्टि दस्तावेज
मैरीटाइम इंडिया विज़न (MIV) 2030:
150+ पहलें
फोकस: रिन्यूएबल एनर्जी, उत्सर्जन में कमी, जल-अपशिष्ट प्रबंधन, ज़ीरो-एक्सीडेंट सेफ्टी
मैरीटाइम अमृत काल विज़न 2047:
अनुमानित निवेश: ₹80 लाख करोड़
300+ पहलें
लक्ष्य: 2047 तक भारत को शीर्ष वैश्विक समुद्री शक्ति बनाना
5. हरित सागर ग्रीन पोर्ट गाइडलाइंस 2023
COP-26 प्रतिबद्धताओं को क्रियान्वयन में बदलने वाला ढांचा
प्रमुख लक्ष्य:
प्रति टन कार्गो कार्बन उत्सर्जन

2030 तक 30% कमी
2047 तक 70% कमी
नवीकरणीय ऊर्जा
2030 तक >60%
2047 तक >90%
पोर्ट उपकरणों का विद्युतीकरण
2030 तक >50%
2047 तक >90%
ग्रीन कवर
2047 तक >33%
महत्व: जलवायु लक्ष्यों को मापनीय, पोर्ट-स्तरीय संकेतकों में बदलता है।
6. सर्वोत्तम प्रथाएं (उत्तर संवर्धन हेतु उदाहरण)
न्यू मंगलौर पोर्ट:
100% सोलर पावर इंटीग्रेशन (राष्ट्रीय बेंचमार्क)
मोरमुगाओ पोर्ट:
भारत का पहला पोर्ट जिसने Environmental Ship Index (ESI) आधारित प्रोत्साहन शुरू किया
VOC पोर्ट:
ज़ीरो फेटल एक्सीडेंट ज़ोन (2019-2021)
पारादीप पोर्ट:
धूल नियंत्रण, ऑयल-स्पिल रिस्पॉन्स, बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण
7. तकनीकी हस्तक्षेप
रूफटॉप सोलर, फ्लोटिंग सोलर, पवन और ज्वारीय ऊर्जा
शोर-टू-शिप पावर सप्लाई: बर्थ पर जहाजों का उत्सर्जन घटाती है
LNG बंकरिंग: डीज़ल की तुलना में ~80% कम उत्सर्जन
इलेक्ट्रिक क्रेन, व्हील-लोडर, फोर्कलिफ्ट
रियल-टाइम HSE मॉनिटरिंग सिस्टम
8. सर्कुलर इकॉनमी एवं संसाधन दक्षता
ड्रेज्ड मटीरियल का पुन: उपयोग:
लैंड रिक्लेमेशन
बीच नरिशमेंट
शोरलाइन प्रोटेक्शन
तटीय लचीलापन और संसाधन दक्षता को बढ़ावा
9. श्रमिक सुरक्षा और सामाजिक आयाम
ज़ीरो एक्सीडेंट सेफ्टी प्रोग्राम
पोर्ट श्रमिकों हेतु स्वास्थ्य अवसंरचना
24×7 मेडिकल सुविधा
मुंबई पोर्ट का 200-बेड अस्पताल; प्रस्तावित 600-बेड PPP अस्पताल
लैंगिक आयाम:
महिला नाविकों की संख्या 10 गुना वृद्धि
10. प्रमुख सरकारी हरित पहलें
सागरमाला कार्यक्रम:
2035 तक ₹5.8 लाख करोड़
लॉजिस्टिक्स लागत घटाने के साथ हरित अवसंरचना
ग्रीन टग ट्रांज़िशन प्रोग्राम (GTTP)
हरित नौका पहल:
2047 तक 100% ग्रीन इनलैंड वेसल
राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन (2023):
लक्ष्य: 2030 तक 5 मिलियन टन/वर्ष
ग्रीन हाइड्रोजन हब: कांडला, पारादीप, तूतीकोरिन
11. अंतरराष्ट्रीय सहयोग
ग्रीन शिपिंग एवं पोर्ट सहयोग:
डेनमार्क, नॉर्वे, सिंगापुर, नीदरलैंड, माल्टा, रूस
फोकस: ग्रीन फ्यूल, डिजिटल कॉरिडोर, मैरीटाइम टेक्नोलॉजी
12. शासन में नवाचार
ग्रीन पोर्ट्स एंड शिपिंग में राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (NCoEGPS)
MoPSW-TERI साझेदारी
नीति, तकनीक और अनुसंधान समर्थन
महत्व: ज्ञान-आधारित हरित समुद्री परिवर्तन
13. GS उत्तरों से जुड़ाव
GS-III: अवसंरचना, पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा
GS-II: शासन सुधार, अंतरराष्ट्रीय सहयोग
निबंध: सतत विकास, ब्लू इकोनॉमी, जलवायु नेतृत्व
एथिक्स: अंतर-पीढ़ी समानता, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व
14. उत्तर में उपयोग योग्य निष्कर्ष पंक्ति
“भारत की हरित समुद्री यात्रा बंदरगाह-आधारित विकास से पर्यावरण-संवेदनशील समुद्री शासन की ओर परिवर्तन को दर्शाती है, जो भारत को एक जिम्मेदार वैश्विक समुद्री शक्ति के रूप में स्थापित करती है।”

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