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UP-Special Current Affairs (September) Part-2

उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय (September, 2025) निम्नलिखित हैं:

2025-11-30 21:39:04 | Admin

1. उ०प्र० निर्यात प्रोत्साहन नीति 2025-30

नोट्स का विषय

मुख्य बिंदु 

नीति का उद्देश्य

उत्तर प्रदेश को विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त 'निर्यात हब' के रूप में स्थापित करना।

लक्ष्य

वित्तीय वर्ष 2030 तक पंजीकृत निर्यातकों की संख्या में 50% की वृद्धि करना।

विशेष प्रावधान (सब्सिडी/अनुदान)

  • ECGC (Export Credit Guarantee Corporation) कवरेज खर्चों पर सब्सिडी।
  • पहली बार सेवा क्षेत्र के निर्यातकों को अनुदान।
  • छोटे निर्यातकों के लिए LCL (Less than Container Load) शिपमेंट पर सब्सिडी।
  • नए निर्यातकों और स्टार्टअप्स को प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन (Performance-Linked Incentives)
  • पोस्ट ऑफिस एक्सपोर्ट सेंटरों के माध्यम से होने वाले निर्यात पर अनुदान।

प्रशासनिक पहल

  • 'मिशन निर्यात प्रगति' का संचालन।
  • निर्यात को आसान बनाने के लिए वन-स्टॉप डिजिटल सूचना केंद्र और व्यापार सुविधा केंद्र की स्थापना।

समन्वय

भारत सरकार की विदेश व्यापार नीति 2023 के साथ तालमेल बिठाना।

 

2. पारिवारिक संपत्ति के बँटवारे पर स्टाम्प शुल्क में छूट

नोट्स का विषय

मुख्य बिंदु (आसान भाषा में)

फैसला

पैतृक संपत्ति के पारिवारिक बँटवारे के विलेख (Partition Deed) पर देय स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क की अधिकतम सीमा को ₹5,000 तक सीमित किया गया।

उद्देश्य

  • नागरिकों पर वित्तीय बोझ कम करना।
  • दीवानी एवं राजस्व न्यायालयों में लंबित संपत्ति विवादों का amicable (सौहार्दपूर्ण) तरीके से निपटारा करना।

छूट की शर्तें

  • यह छूट केवल तीन पीढ़ी तक के वंशजों के बीच पैतृक अचल संपत्ति के बँटवारे पर लागू होगी।
  • बँटवारा वर्तमान उत्तराधिकार कानूनों के तहत प्राप्त होने वाले वैधानिक हिस्से के अनुरूप होना चाहिए।
  • यह छूट केवल वास्तविक व्यक्तियों के लिए है (फर्म, ट्रस्ट, औद्योगिक या संस्थागत संपत्ति शामिल नहीं)।
  1. उ०प्र० आउटसोर्सड सेवा निगम (U.P.O.S.C.) का गठन

नोट्स का विषय

मुख्य बिंदु

निर्णय

उत्तर प्रदेश आउटसोर्सड सेवा निगम (UPOSC) के गठन को स्वीकृति।

भूमिका

यह निगम सरकारी विभागों और संस्थानों में आउटसोर्सिंग एजेंसियों के लिए एक नियामक निकाय के रूप में कार्य करेगा।

मुख्य कार्य

 आउटसोर्स कर्मचारियों को न्यूनतम मजदूरी और अन्य वैधानिक देयकों का भुगतान सुनिश्चित करना।

आउटसोर्सिंग के मानकों को निर्धारित करना।

वर्तमान कर्मचारियों की स्थिति

नई एजेंसियों के चयन के बाद भी वर्तमान में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाओं को जारी रखने और उन्हें वरीयता देने का निर्णय।

4. अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

  • ई-बसों का संचालन (NCC मॉडल):
    • कानपुर, लखनऊ और आस-पास के शहरों में ई-बसों को नेट कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (NCC) मॉडल पर चलाने के लिए मसौदा समझौते को मंजूरी।
    • NCC मॉडल: निजी ऑपरेटर ई-बसें और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करेगा, और 100% किराया/गैर-किराया राजस्व भी वही एकत्र करेगा।
  • उ०प्र० इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट विनिर्माण नीति-2025:
    • इस नीति को मंजूरी दी गई, जिसका उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट और उप-असेंबली के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना और आत्मनिर्भरता लाना है।
  • नए शैक्षणिक/सेवा संस्थानों की स्थापना:
    • लोकेश सुदकावन विश्वविद्यालय: शाहजहाँपुर में इस विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए एमओयू को मंजूरी।
    • समग्र क्षेत्रीय केंद्र (CRC), वाराणसी: दिव्यांगजनों (Persons with  Disabilities/Divyangjan) को व्यापक पुनर्वास सेवाएँ, कौशल विकास और शिक्षा प्रदान करने के लिए CRC की स्थापना को मंजूरी।
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